'विमुक्ति दिवस' भारत में प्रतिवर्ष 31 अगस्त को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1952 में भारत सरकार ने औपनिवेशिक काल के आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871 को निरस्त किया था। यह दिवस इन समुदायों को कानूनी रूप से अपराधी ठहराए जाने की व्यवस्था से मुक्ति का प्रतीक है, हालांकि उन्हें आज भी प्रशासनिक पहचान-निर्धारण और सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है।
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