शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K)
शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर के वैज्ञानिकों ने धान-गेहूं फसल प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए जल्दी पकने वाली शालीमार व्हीट-3 और शालीमार व्हीट-4 विकसित की हैं। शालीमार व्हीट-4 मई के अंतिम सप्ताह तक और शालीमार व्हीट-3 जून के पहले सप्ताह तक पक जाती है। ये किस्में विशेष रूप से कश्मीर की जलवायु के लिए तैयार की गई हैं और लगभग 1,850 मीटर तक की मध्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं। इनकी शीघ्र परिपक्वता से गेहूं की समय पर कटाई और धान की सुचारु रोपाई संभव होती है, जिससे फसल चक्र में देरी नहीं होती। ये किस्में क्षेत्र में पाई जाने वाली प्रमुख फफूंद बीमारी, पीली रतुआ, के प्रति प्रतिरोधी हैं।
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