Mizoroki-Heck अभिक्रिया एक क्रॉस-कप्लिंग अभिक्रिया है, जिसमें आमतौर पर एरिल हैलाइड्स और ऐल्केन्स के बीच संयोजन होता है। इसे मुख्य रूप से पैलेडियम (Pd) यौगिकों द्वारा उत्प्रेरित किया जाता है। पैलेडियम इस अभिक्रिया के लिए उपयुक्त है क्योंकि यह ऑक्सीडेटिव एडिशन और रिडक्टिव एलिमिनेशन की आवश्यक प्रक्रियाओं को सुगम बनाता है। रोडियम भी एक संक्रमण धातु है, लेकिन इस विशेष अभिक्रिया में इसका उपयोग कम होता है। Mizoroki-Heck अभिक्रिया कार्बन-कार्बन बंध बनाने के लिए कार्बनिक संश्लेषण में महत्वपूर्ण है और इसे औषधीय व सामग्री विज्ञान में व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡ