नेपाल ने 1816 की सुगौली संधि का हवाला देते हुए लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा को पुनः प्रारंभ करने के भारत के निर्णय पर आपत्ति जताई है। भारत ने इस दावे को अस्वीकार करते हुए कहा है कि लिपुलेख इस यात्रा का पारंपरिक मार्ग रहा है। लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित एक उच्च हिमालयी पर्वतीय दर्रा है। यह भारत, नेपाल और चीन के त्रिसंधि बिंदु के निकट स्थित है, जिससे इसकी सामरिक महत्ता बढ़ जाती है। यह दर्रा उत्तराखंड (भारत) को चीन के तिब्बत क्षेत्र से जोड़ता है। इसकी ऊँचाई लगभग 5,334 मीटर (लगभग 17,500 फीट) है।
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