भारतीय राष्ट्रीय सेना का सुभाष ब्रिगेड महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में नामित किया गया था। इसे 1st गोरिल्ला रेजिमेंट के नाम से भी जाना जाता था और इसका नेतृत्व शाह नवाज़ खान कर रहे थे। इन रेजिमेंटों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बने। हालांकि वे सैन्य विजय हासिल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने ब्रिटिश शासन की दृढ़ता को कमजोर कर एक मनोवैज्ञानिक जीत जरूर हासिल की।
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