शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने बच्चों में कुपोषण और बौनेपन को कम करने के लिए ‘पीएम पोषण’ योजना के अंतर्गत नाश्ता शामिल करने की सिफारिश की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) ने बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण सुबह की कक्षाओं से पहले पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है, ताकि सीखने के परिणामों में सुधार हो सके। तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक ने अपने संसाधनों से नाश्ता कार्यक्रम पहले ही शुरू कर दिए हैं। ‘पीएम पोषण’ शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसने मध्याह्न भोजन योजना का स्थान लिया है और इसका क्रियान्वयन विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा किया जाता है। यह योजना सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1–8 तथा बाल वाटिकाओं के बच्चों को प्रतिदिन एक गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराती है।
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