नौवाँ अंतर्राष्ट्रीय संताल सम्मेलन 7 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य संताल भाषा, संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना था। इसमें संताल समुदाय के शोषण के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्षों, विशेष रूप से 1855 के संताल हुल विद्रोह, को प्रमुखता से उजागर किया गया। इस अवसर पर यह भी स्मरण कराया गया कि संथाली भाषा को 2003 में भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। इसमें 1925 में विकसित ओल चिकी लिपि को मान्यता दी गई, जिसने संथाली साहित्य और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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