डॉ. एस. राधाकृष्णन
राष्ट्रपति बनने से पहले डॉ. एस. राधाकृष्णन ने यूनेस्को में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। वे न केवल एक राजनेता बल्कि प्रसिद्ध दार्शनिक, लेखक और शिक्षाविद भी थे, जिन्होंने भारतीय दर्शन को पश्चिमी दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। 1932 में उन्होंने लीग ऑफ नेशंस में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनका जन्मदिन 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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