फागुआ झारखंड का एक पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य है, जिसे होली के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। होली (जिसे कई स्थानों पर फागुआ भी कहा जाता है) फाल्गुन माह में मनाई जाती है। इस अवसर पर मंदार, ढोल, नगाड़ा, बांसुरी और शहनाई जैसे वाद्ययंत्रों के साथ गायन एवं नृत्य किया जाता है। फागुआ गीतों में प्रायः राधा-कृष्ण से जुड़े प्रसंग और वसंत ऋतु के आगमन के संकेत मिलते हैं।
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