झारखंड का अधिकांश लौह अयस्क धारवाड़ शृंखला की चट्टानों में, विशेषकर सिंहभूम क्रेटन क्षेत्र में पाया जाता है। यहाँ बैंडेड आयरन फॉर्मेशन (BIF) व्यापक रूप से विकसित है, जिसके अंतर्गत मैग्नेटाइट और हेमेटाइट जैसे लौह खनिज मिलते हैं। कुडप्पा, विंध्यन और दक्कन शैलों में झारखंड के प्रमुख लौह अयस्क भंडार नहीं पाए जाते।
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