फिरोज शाह तुगलक ने 1359 में जौनपुर की स्थापना की और इसका नाम अपने चचेरे भाई एवं पूर्ववर्ती सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के सम्मान में रखा। बाद में यह नगर एक स्वतंत्र सल्तनत के रूप में विकसित हुआ और 'शीराज-ए-हिंद' के नाम से प्रसिद्ध हुआ। मुहम्मद बिन तुगलक के नाम पर किया गया यह नामकरण तुगलक वंश की राजनीतिक निरंतरता का प्रतीक भी था। जौनपुर मध्यकालीन भारत में अपनी सांस्कृतिक एवं स्थापत्य उपलब्धियों के लिए विख्यात हुआ।
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