भारत में प्रतिवर्ष 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सस्ती जेनेरिक दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह दिवस प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana) के बारे में जागरूकता फैलाता है, जिसके अंतर्गत कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Kendra) नामक विशेष फार्मेसियों के माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और संक्रमण जैसी बीमारियों के लिए जेनेरिक दवाएँ बेची जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध जेनेरिक दवाएँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50–90% तक सस्ती होती हैं, जिससे स्वास्थ्य देखभाल लागत में कमी आती है। वर्ष 2025 तक भारत भर में लगभग 18,000 जन औषधि केंद्र संचालित होने का लक्ष्य है, जो प्रतिदिन लगभग 10 लाख लोगों को सेवाएँ प्रदान करेंगे।
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