हजार साल पहले तंजावुर चोलों की राजधानी थी। इस सुंदर नगर के पास से कावेरी नदी बहती है। यहां राजा राजराजा चोल द्वारा निर्मित राजराजेश्वर मंदिर की घंटियों की आवाज सुनाई देती है। नगरवासी इसके वास्तुकार कुंजरमल्लन राजराजा पेरुंथच्छन की खूब प्रशंसा करते हैं, जिन्होंने गर्व से अपना नाम मंदिर की दीवार पर अंकित किया है। मंदिर के भीतर एक विशाल शिवलिंग स्थापित है।
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