कुशीनगर स्थित निर्वाण स्तूप भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल को चिह्नित करता है। 1876 की पुरातात्विक खोज में यहाँ से ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण तांबे का पात्र प्राप्त हुआ, जिससे पुष्टि होती है कि बुद्ध के अवशेष यहाँ स्थापित किए गए थे। इसका मूल निर्माण मौर्य सम्राट अशोक द्वारा कराया गया था तथा गुप्त काल में इसका विस्तार किया गया। यह विश्वभर के बौद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
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