मानव-वन्यजीव संघर्ष के वैज्ञानिक और प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान–सलीम अली पक्षी विज्ञान एवं...
पूर्वी हिमालय की दुर्लभ बैंगनी-नीले रंग की अल्पाइन पुष्पीय प्रजाति सायनैंथस हूकेरी (Cyananthus hookeri) को 158 वर्षों बाद अरुणाचल प्रदेश में दोबारा खोजा गया है। यह भारत में...
भारत में जैव विविधता के संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई मजबूती देते हुए मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल स्थित प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय को जैव विविधता अधिनियम के तहत आधिकारिक...
बिहार के मुंगेर स्थित एक ऐतिहासिक वटवृक्ष (बरगद) को वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे पुराना सटीक रूप से दिनांकित बरगद घोषित किया है। उच्च-परिशुद्धता रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक के...
ट्रांसकैस्पियन मरिंका एक रे-फिन्ड (किरण-पंखी) मीठे पानी की मछली है, जिसका वैज्ञानिक नाम Schizothorax pelzami है। यह Schizothorax वंश तथा Cyprinidae कुल से संबंधित है। अपनी विशिष्ट पारिस्थितिक...
भारत में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाता है। यह सप्ताहभर चलने वाला राष्ट्रीय वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और...
भारत की जैव विविधता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 27 जून 2026 को दक्षिणी बर्डविंग (सदर्न बर्डविंग) तितली को पहली बार तेलंगाना के अमराबाद टाइगर रिजर्व...
तेलंगाना के प्रमुख जलाशयों में शामिल हिमायतसागर जलाशय से 28 जून 2026 को पानी छोड़ा गया। यह निर्णय कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हुई वर्षा के कारण जलाशय में...
व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध (White-rumped Vulture) दुनिया के सबसे अधिक संकटग्रस्त पक्षियों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने इसे अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) श्रेणी में रखा...
भारत में बाघ संरक्षण को नई गति देते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने 30 जून 2026 को ओडिशा के सतकोसिया टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना परियोजना...