गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 जारी: राज्य में पक्षियों की संख्या बढ़कर 502 प्रजातियों तक पहुंची

गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 जारी: राज्य में पक्षियों की संख्या बढ़कर 502 प्रजातियों तक पहुंची

गोवा ने जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। 16 जुलाई 2026 को जारी गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 में राज्य में दर्ज पक्षियों की कुल संख्या बढ़कर 502 प्रजातियां हो गई है। इस अद्यतन सूची को इंडियन बर्ड्स जर्नल में वैज्ञानिक रूप से सहकर्मी समीक्षा (पीयर-रिव्यू) के बाद प्रकाशित किया गया है। नई सूची में पांच नई पक्षी प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिससे गोवा भारत के सबसे समृद्ध पक्षी विविधता वाले राज्यों में और अधिक मजबूत स्थान पर पहुंच गया है।

गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 की प्रमुख विशेषताएं

गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 में ग्रेलैग गूज, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, वेज-टेल्ड शीयरवॉटर और इंडियन कोर्सर जैसी नई प्रजातियों को राज्य के आधिकारिक पक्षी रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। ग्रेलैग गूज को सांताक्रूज क्षेत्र में स्टीफन मेनेजेस ने दर्ज किया, जबकि रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड का रिकॉर्ड वन अधिकारी परेश पोरोब ने किया। इन नई प्रविष्टियों से गोवा की समृद्ध पक्षी विविधता का दायरा और विस्तृत हुआ है।

पक्षी विविधता में गोवा की विशेष पहचान

केवल 3,702 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले गोवा में अब 502 पक्षी प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह संख्या भारत में पाई जाने वाली कुल पक्षी प्रजातियों का लगभग 40 प्रतिशत है। इतनी छोटी भौगोलिक सीमा में इतनी अधिक पक्षी विविधता गोवा को देश के सबसे महत्वपूर्ण पक्षी आवासों में शामिल करती है। यहां समुद्री तट, आर्द्रभूमि, वन क्षेत्र और कृषि भूमि जैसे विविध आवास पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।

राज्य स्तरीय बर्ड एटलस और कैंपस बर्ड काउंट

फरवरी 2026 में गोवा राज्य स्तरीय व्यापक बर्ड एटलस प्रकाशित करने वाला भारत का दूसरा राज्य बना। इस एटलस का अनावरण गोवा के नौवें बर्ड फेस्टिवल के दौरान किया गया। वहीं 2026 कैंपस बर्ड काउंट में राज्य के 12 शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया, जहां कुल 110 पक्षी प्रजातियां दर्ज की गईं। इस अभियान में कार्मेल कॉलेज ने सर्वाधिक 71 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

वैज्ञानिक अनुसंधान और संरक्षण का महत्व

गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 का लेखन प्रणय बैद्य और मंदार भगत ने किया है। प्रणय बैद्य अरन्या एनवायरनमेंट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में अनुसंधान प्रमुख हैं। वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पक्षी सूचियां और बर्ड एटलस जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय निगरानी और भविष्य की संरक्षण नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। इससे पक्षियों के आवास, प्रवास और संरक्षण संबंधी रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 में राज्य में दर्ज पक्षियों की कुल संख्या 502 हो गई है।
  • गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 के लेखक प्रणय बैद्य और मंदार भगत हैं।
  • फरवरी 2026 में गोवा राज्य स्तरीय व्यापक बर्ड एटलस प्रकाशित करने वाला भारत का दूसरा राज्य बना।
  • इंडियन कोर्सर और इंडियन ग्रे हॉर्नबिल सामान्यतः शुष्क आवासों से जुड़े पक्षी माने जाते हैं, जिनकी उपस्थिति अब गोवा के आधिकारिक पक्षी रिकॉर्ड का हिस्सा है।

गोवा बर्ड चेकलिस्ट 8.0 का प्रकाशन राज्य की समृद्ध जैव विविधता और वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पक्षियों की बढ़ती प्रजातिगत संख्या यह दर्शाती है कि गोवा के विविध प्राकृतिक आवास अभी भी वन्यजीवों के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। भविष्य में ऐसे वैज्ञानिक दस्तावेज संरक्षण योजनाओं, पर्यावरणीय शिक्षा और सतत विकास की रणनीतियों को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

Originally written on July 17, 2026 and last modified on July 17, 2026.

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