लिपफेंड्रा को अमेरिकी एफडीए की मंजूरी: कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए पहली मौखिक पीसीएसके9 अवरोधक दवा
उच्च एलडीएल (लो-डेंसिटी लाइपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। 16 जुलाई 2026 को अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने लिपफेंड्रा (एनलिसिटाइड) को वयस्कों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए मंजूरी प्रदान की। यह दुनिया की पहली एफडीए-अनुमोदित मौखिक पीसीएसके9 (PCSK9) अवरोधक दवा है, जिसे प्रतिदिन 20 मिलीग्राम की एक गोली के रूप में लिया जाता है। अब तक इस श्रेणी की अधिकांश दवाएं इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध थीं, इसलिए यह दवा मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मानी जा रही है।
पीसीएसके9 अवरोधक क्या हैं?
पीसीएसके9 (प्रोप्रोटीन कन्वर्टेज सब्टिलिसिन/केक्सिन टाइप-9) अवरोधक ऐसी दवाएं हैं, जो शरीर में एलडीएल रिसेप्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद करती हैं। सामान्यतः पीसीएसके9 प्रोटीन एलडीएल रिसेप्टरों को नष्ट कर देता है, जिससे रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। पीसीएसके9 अवरोधक इस प्रक्रिया को रोकते हैं, जिससे अधिक एलडीएल रिसेप्टर सक्रिय रहते हैं और रक्त से “खराब” कोलेस्ट्रॉल को अधिक प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है। परिणामस्वरूप हृदय रोगों का जोखिम कम करने में सहायता मिलती है।
किन मरीजों के लिए उपयोगी है लिपफेंड्रा?
लिपफेंड्रा को आहार और नियमित व्यायाम के साथ सहायक उपचार के रूप में मंजूरी दी गई है। इसका उपयोग विशेष रूप से हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया से पीड़ित वयस्कों तथा हेटेरोजाइगस फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसे आनुवंशिक विकार वाले मरीजों के लिए किया जाएगा। यह दवा उन मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण विकल्प है, जो इंजेक्शन के बजाय गोली के रूप में उपचार लेना पसंद करते हैं या जिनके लिए मौखिक उपचार अधिक सुविधाजनक है।
क्लिनिकल परीक्षणों में प्रभावी परिणाम
एफडीए की मंजूरी कॉरलरीफ लिपिड्स और कॉरलरीफ एचईएफएच नामक दो चरण-3 (फेज-3) क्लिनिकल परीक्षणों के आधार पर दी गई। इन अध्ययनों में 3,207 वयस्क प्रतिभागियों को शामिल किया गया। कॉरलरीफ लिपिड्स अध्ययन में 24 सप्ताह बाद लिपफेंड्रा लेने वाले मरीजों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर प्लेसीबो की तुलना में औसतन 56 प्रतिशत कम पाया गया। बाद के विश्लेषण में कुछ प्रारंभिक मानों को हटाने पर यह कमी लगभग 60 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जो दवा की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
सुरक्षा और अन्य मौखिक उपचार
कॉरलरीफ एचईएफएच अध्ययन के दौरान लिपफेंड्रा लेने वाले कुछ मरीजों में दस्त और चक्कर आना जैसे दुष्प्रभाव देखे गए, हालांकि अधिकांश मामलों में ये हल्के स्तर के थे। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए अन्य मौखिक गैर-स्टैटिन दवाओं, जैसे बेम्पेडोइक एसिड आधारित उपचार, का भी उपयोग किया जाता है। इन दवाओं के उपयोग के दायरे का विस्तार वर्ष 2024 में किया गया था, ताकि हृदय संबंधी जोखिम कम करने और प्राथमिक हाइपरलिपिडेमिया के उपचार में भी उनका उपयोग किया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एलडीएल (लो-डेंसिटी लाइपोप्रोटीन) को सामान्यतः “खराब कोलेस्ट्रॉल” कहा जाता है, क्योंकि इसका उच्च स्तर हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाता है।
- हेटेरोजाइगस फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर असामान्य रूप से अधिक होता है।
- फेज-3 क्लिनिकल परीक्षण किसी दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा का आकलन करने के लिए नियामकीय मंजूरी से पहले किए जाने वाले अंतिम चरण के प्रमुख अध्ययन होते हैं।
- एज़ेटिमाइब एक कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा है, जो आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करती है।
लिपफेंड्रा की मंजूरी उच्च कोलेस्ट्रॉल के उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। पहली बार पीसीएसके9 अवरोधक दवा गोली के रूप में उपलब्ध होने से मरीजों के लिए उपचार अधिक सुविधाजनक हो सकता है। साथ ही, यह उपलब्धि हृदय रोगों की रोकथाम और आधुनिक लिपिड प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करती है।