सारला एविएशन को DGCA मंजूरी, भारत के एयर टैक्सी मिशन को गति
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप सारला एविएशन को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से Design Organisation Approval (DOA) मिल गया है। यह मंजूरी 8 अगस्त 2026 को कंपनी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सौंपी। इस कदम को भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और शहरी हवाई परिवहन के विकास की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
DOA क्यों है महत्वपूर्ण
Design Organisation Approval, यानी DOA, विमान डिजाइन से जुड़ी गतिविधियों के लिए DGCA द्वारा दी जाने वाली नियामकीय अनुमति है। इसके तहत कोई कंपनी विमान की संरचना, प्रणालियों और डिजाइन दस्तावेजों पर नागरिक उड्डयन नियमों के अनुरूप काम कर सकती है। यह मंजूरी बताती है कि संस्था के पास डिजाइन क्षमता और सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यक प्रक्रिया मौजूद है।
सारला एविएशन 2026 में भारत की तीसरी eVTOL DOA धारक कंपनी बन गई है। eVTOL का अर्थ है electric vertical takeoff and landing, यानी ऐसा विमान जो बिजली से चलता है और बिना रनवे के सीधे ऊपर-नीचे उड़ान भर सकता है।
सारला एविएशन की तकनीकी दिशा
सारला एविएशन की स्थापना अक्टूबर 2023 में एड्रियन श्मिट, राकेश गावणकर और शिवम चौहान ने की थी। बेंगलुरु आधारित यह स्टार्टअप Accel, बिन्नी बंसल और निखिल कामत जैसे निवेशकों के समर्थन से आगे बढ़ रहा है। कंपनी का eVTOL विमान छह यात्रियों और एक पायलट को ले जाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें लिफ्ट और आगे की गति के लिए सात इलेक्ट्रिक मोटर लगाए गए हैं।
जुलाई 2026 में कंपनी ने अपने आधे आकार वाले तकनीकी प्रदर्शक “Sylla” का फ्लाइट-टेस्ट अभियान पूरा किया था। यह मॉडल पूर्ण आकार के विमान के विकास से पहले शुरुआती परीक्षणों के लिए इस्तेमाल किया गया।
शहरी हवाई परिवहन की बड़ी तस्वीर
भारत सरकार ने 2028 तक बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़भाड़ वाले महानगरों में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को संचालन योग्य बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में eVTOL तकनीक को शहरी एयर मोबिलिटी का आधार माना जा रहा है। इस श्रेणी के विमानों की खासियत यह है कि इन्हें लंबी रनवे जरूरत नहीं होती और ये छोटे शहरी मार्गों पर तेज, लचीला परिवहन विकल्प दे सकते हैं।
आने वाले चरण में DGCA के 2027 के दौरान परीक्षण और उड़ान-परीक्षण प्रक्रिया पर नजर रखने की उम्मीद है। इससे यह तय होगा कि तकनीक सुरक्षा, प्रदर्शन और संचालन मानकों पर कितनी खरी उतरती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- DGCA का पूरा नाम Directorate General of Civil Aviation है, जो भारत में नागरिक उड्डयन सुरक्षा और नियमन से जुड़ी संस्था है।
- eVTOL विमान बिजली से चलते हैं और vertical takeoff and landing यानी सीधे ऊपर-नीचे उड़ान भर सकते हैं।
- Design Organisation Approval (DOA) विमान डिजाइन क्षमता से जुड़ी एक औपचारिक नियामकीय मंजूरी है।
- Sylla सारला एविएशन का आधे आकार वाला तकनीकी प्रदर्शक है, जिसका उपयोग शुरुआती परीक्षणों में किया गया।
सारला एविएशन को मिली यह मंजूरी भारत में उभरती एयर टैक्सी तकनीक के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। इससे साफ है कि देश में शहरी हवाई परिवहन अब केवल अवधारणा नहीं, बल्कि परीक्षण और नियामकीय तैयारी के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है।