नासा ने स्पेसएक्स के साथ क्रू मिशन साझेदारी और बढ़ाई

नासा ने स्पेसएक्स के साथ क्रू मिशन साझेदारी और बढ़ाई

नासा ने अपने कमर्शियल क्रू कार्यक्रम के तहत स्पेसएक्स के साथ समझौते का दायरा और बढ़ा दिया है। 18 सितंबर 2026 को किए गए 946 मिलियन डॉलर के संशोधन के बाद अब स्पेसएक्स को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए तीन और मानवयुक्त ड्रैगन उड़ानें संचालित करनी होंगी। इस विस्तार के साथ स्पेसएक्स के CCtCap अनुबंध का कुल मूल्य लगभग 5.92 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और यह समझौता 2030 तक प्रभावी रहेगा।

कमर्शियल क्रू कार्यक्रम क्यों अहम है

कमर्शियल क्रू ट्रांसपोर्टेशन कैपेबिलिटी यानी CCtCap नासा की वह योजना है, जिसके जरिए निजी कंपनियों के अंतरिक्ष यानों से अंतरिक्ष यात्रियों को ISS तक भेजा जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लो-अर्थ ऑर्बिट में मानव उपस्थिति बनाए रखना और सरकारी निर्भरता को कम करते हुए निजी क्षेत्र की क्षमता का उपयोग करना है। अभी इस व्यवस्था में दो अमेरिकी प्रदाता शामिल हैं—स्पेसएक्स और बोइंग।

स्पेसएक्स के लिए यह विस्तार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसकी ड्रैगन कैप्सूल इस कार्यक्रम के तहत नासा की मुख्य मानवयुक्त वाहन बनी हुई है। नए संशोधन के बाद Crew-15, Crew-16 और Crew-17 मिशन जोड़े गए हैं, जिससे स्पेसएक्स के कुल परिचालन मिशन 17 तक पहुंच जाएंगे।

स्पेसएक्स की जिम्मेदारियां और मिशन ढांचा

CCtCap अनुबंध के तहत स्पेसएक्स केवल लॉन्च तक सीमित नहीं है, बल्कि मिशन से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां निभाता है। इनमें ग्राउंड प्रोसेसिंग, प्रक्षेपण संचालन, कक्षा में संचालन, चालक दल की वापसी, कैप्सूल की रिकवरी और कार्गो परिवहन शामिल हैं। इसके अलावा, जब ड्रैगन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा होता है, तब वह आपात स्थिति में ‘लाइफबोट’ की भूमिका भी निभाता है।

नासा ने मई 2026 में इसी कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त क्रू मिशन खरीदने की मंशा जताई थी। अब हुए संशोधन से यह साफ है कि एजेंसी आने वाले वर्षों में ISS तक नियमित और सुरक्षित मानव पहुंच बनाए रखने के लिए निजी भागीदारी पर भरोसा बढ़ा रही है।

बोइंग स्टारलाइनर और भविष्य की प्रतिस्पर्धा

इस कार्यक्रम में स्पेसएक्स के साथ बोइंग भी शामिल है, जिसकी मानवयुक्त अंतरिक्ष यान स्टारलाइनर है। बोइंग के क्रू मिशनों की शुरुआत तीसरी तिमाही 2027 में होने की उम्मीद है। कंपनी ने 2024 में एक मानवयुक्त परीक्षण उड़ान की थी, जिसमें तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। ऐसे में नासा के लिए दो अलग-अलग प्रदाताओं का होना आपूर्ति और सुरक्षा, दोनों दृष्टि से रणनीतिक महत्व रखता है।

ISS एक लो-अर्थ ऑर्बिट प्रयोगशाला है, जिसका उपयोग कई अंतरिक्ष एजेंसियां मिलकर करती हैं। नासा के लिए यह स्टेशन वैज्ञानिक प्रयोगों, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण और दीर्घकालिक अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी का प्रमुख केंद्र है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कमर्शियल क्रू ट्रांसपोर्टेशन कैपेबिलिटी (CCtCap) नासा का निजी अंतरिक्ष यानों के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS तक भेजने का कार्यक्रम है।
  • स्पेसएक्स इस कार्यक्रम में ड्रैगन अंतरिक्ष यान का उपयोग करता है।
  • बोइंग का मानवयुक्त यान स्टारलाइनर है।
  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) लो-अर्थ ऑर्बिट में स्थित एक साझा प्रयोगशाला है।

स्पेसएक्स के साथ यह नया संशोधन नासा की मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ानों में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दिखाता है। आने वाले वर्षों में ISS तक नियमित पहुंच बनाए रखने में यही साझेदारी सबसे अहम आधार बनी रहेगी।

Originally written on September 19, 2026 and last modified on September 19, 2026.

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