ब्रिटिश शतरंज में भारतीय मूल के किशोरों ने रचा इतिहास

ब्रिटिश शतरंज में भारतीय मूल के किशोरों ने रचा इतिहास

ब्रिटेन के 2026 ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप में भारतीय मूल के दो युवा खिलाड़ियों, बोधना शिवानंदन और श्रेयस रॉयल ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने अंतरराष्ट्रीय शतरंज जगत का ध्यान खींच लिया। कोवेंट्री स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक में 9 अगस्त 2026 को समाप्त हुए नौ दिवसीय टूर्नामेंट में बोधना ने महिला खिताब और श्रेयस ने ओवरऑल ब्रिटिश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया।

बोधना शिवानंदन बनीं सबसे कम उम्र की महिला चैंपियन

11 वर्ष की बोधना शिवानंदन ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज चैंपियन बन गईं। मुख्य मुकाबलों के बाद जब उनका स्कोर आयरिश महिला ग्रैंडमास्टर त्रिशा कन्यामराला के बराबर रहा, तब खिताब का फैसला रैपिड प्लेऑफ से हुआ। निर्णायक मुकाबले में बोधना ने जीत दर्ज की और महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया।

पूरे टूर्नामेंट में बोधना को केवल एक हार मिली, और वह हार राउंड 6 में श्रेयस रॉयल के खिलाफ आई थी। इसी प्रदर्शन ने उनके अभियान को और खास बना दिया, क्योंकि बाद में श्रेयस ने भी ओवरऑल खिताब जीत लिया।

श्रेयस रॉयल ने ओवरऑल खिताब जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया

17 वर्षीय श्रेयस रॉयल ने अपना पहला ब्रिटिश ओवरऑल चैंपियनशिप खिताब जीता और वे इस खिताब को जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के ग्रैंडमास्टर्स ल्यूक मैकशेन और माइकल एडम्स को आधा अंक पीछे छोड़ा। माइकल एडम्स ब्रिटेन के नौ बार के चैंपियन रह चुके हैं, इसलिए श्रेयस की जीत को बेहद अहम माना जा रहा है।

इस जीत के साथ श्रेयस ने ब्रिटिश शतरंज में उम्र से जुड़े रिकॉर्डों की एक नई श्रृंखला को आगे बढ़ाया। उनकी सफलता यह भी दिखाती है कि युवा खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता अब शीर्ष स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है।

टूर्नामेंट की अहमियत और भारतीय मूल खिलाड़ियों का प्रभाव

ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप यूनाइटेड किंगडम का एक पुराना राष्ट्रीय टूर्नामेंट है, जिसकी 2026 में 122वीं श्रृंखला आयोजित हुई। इस बार प्रतियोगिता में सभी वर्गों को मिलाकर 2,600 से अधिक प्रविष्टियां आईं, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बोधना के लिए यह उपलब्धि और भी खास रही क्योंकि उन्होंने ब्रिटिश शतरंज आयोजनों में अपने खिताबों की हैट्रिक पूरी की। इससे पहले वे यूके ओपन महिला ब्लिट्ज चैंपियनशिप जीत चुकी थीं और ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियनशिप साझा की थी। दूसरी ओर, श्रेयस रॉयल को लेकर गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक और चेयर डेमिस हसाबिस ने सार्वजनिक रूप से बधाई दी, और उनका नाम लंबे समय से श्रेयस की सहायता से भी जोड़ा जाता रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप यूनाइटेड किंगडम की राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता है और 2026 में इसकी 122वीं श्रृंखला हुई।
  • रैपिड प्लेऑफ तब खेला जाता है जब मुख्य राउंड के बाद खिलाड़ियों के अंक बराबर हों।
  • वुमन ग्रैंडमास्टर FIDE का महिला शतरंज में दिया जाने वाला एक मान्यता प्राप्त खिताब है।
  • माइकल एडम्स ब्रिटेन के नौ बार के चैंपियन रह चुके हैं और इंग्लैंड के प्रमुख ग्रैंडमास्टर्स में गिने जाते हैं।

कोवेंट्री में हुई इस चैंपियनशिप ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय मूल के युवा खिलाड़ी विश्व शतरंज में नई पहचान बना रहे हैं। बोधना और श्रेयस की जीत आने वाले वर्षों में ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय शतरंज दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

Originally written on August 10, 2026 and last modified on August 10, 2026.

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