कॉमनवेल्थ अंडर-23 फेंसिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन
नाइजीरिया के लागोस में 9 अगस्त 2026 से शुरू हुई अंडर-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप के पहले ही दिन भारत ने 17 पदक जीतकर मजबूत शुरुआत की। भारतीय खिलाड़ियों ने फॉयल, एपी और साबर, तीनों ही इवेंट्स में 4 स्वर्ण, 4 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए।
भारत के पदक विजेताओं ने तीनों हथियारों में दिखाया दम
पुरुष वर्ग में निखिल वाघ ने मेन्स साबर में स्वर्ण पदक जीता, जबकि लक्ष्य बदसर को रजत मिला। इसी इवेंट में अश्विनी आर्य और लैशराम मोरम्बा ने कांस्य पदक हासिल किए। मेन्स फॉयल में तेजस पाटिल ने रजत और हेमश सनासम ने कांस्य जीता। मेन्स एपी में लोकेश वेमानी को रजत मिला, जबकि शौर्य अश्विनी और गॉडविन अनबकेस ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
महिला खिलाड़ियों ने भी दिलाई भारत को बड़ी बढ़त
महिला वर्ग में जोयस अशिता ने विमेंस फॉयल में स्वर्ण पदक जीता और कनागलक्ष्मी ने रजत हासिल किया। विमेंस एपी में प्राची लोहान ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि निवेध्या नायर और अनुप्रिया को कांस्य मिला। विमेंस साबर में जेफरलिन ने स्वर्ण, आखरी ने रजत और श्रेया गुप्ता ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने पहले दिन ही पदक तालिका में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फेंसिंग में तीन मुख्य प्रतिस्पर्धी हथियार होते हैं: फॉयल, एपी और साबर।
- अंडर-23 वर्ग का मतलब 23 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों की प्रतियोगिता है।
- कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों के लिए आयोजित होती है।
- लागोस नाइजीरिया का सबसे बड़ा शहर है और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
चैंपियनशिप 14 अगस्त 2026 तक चलेगी, इसलिए भारत के पास आगे भी पदकों की संख्या बढ़ाने का मौका रहेगा। पहले दिन का यह प्रदर्शन भारतीय फेंसिंग के उभरते स्तर और युवा खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता को दिखाता है।