ब्रिटेन ने लॉन्च किया ‘स्टॉर्म फाइटर’ कार्यक्रम, मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ उड़ेंगे स्वायत्त ड्रोन
यूनाइटेड किंगडम ने आधुनिक हवाई युद्ध क्षमता को नई दिशा देते हुए 16 जुलाई 2026 को रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के नए ‘स्टॉर्म फाइटर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे स्वायत्त ‘लॉयल विंगमैन’ ड्रोन विकसित करना है, जो मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर युद्ध अभियानों में कार्य कर सकें। ये ड्रोन टाइफून, एफ-35 और भविष्य के टेम्पेस्ट लड़ाकू विमान के साथ समन्वित संचालन करेंगे। यह पहल भविष्य की नेटवर्क-केंद्रित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हवाई युद्ध रणनीतियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सहयोगी लड़ाकू विमान (Collaborative Combat Aircraft) क्या हैं?
सहयोगी लड़ाकू विमान (Collaborative Combat Aircraft – CCA) ऐसे मानव रहित विमान होते हैं, जिन्हें मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए विकसित किया जाता है। ये विमान दुश्मन की निगरानी, हथियार ले जाने, इलेक्ट्रॉनिक हमला करने, सेंसर की पहुंच बढ़ाने तथा आवश्यकता पड़ने पर मानवयुक्त विमान के लिए भ्रम पैदा करने (डिकॉय) जैसे कार्य कर सकते हैं। इनका उद्देश्य पायलटों की सुरक्षा बढ़ाना और युद्ध अभियानों की प्रभावशीलता में वृद्धि करना है।
स्टॉर्म फाइटर कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
स्टॉर्म फाइटर कार्यक्रम को यूनाइटेड किंगडम की 2 जुलाई 2026 को जारी डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत 300 मिलियन पाउंड का वित्तीय समर्थन दिया गया है। इस कार्यक्रम की घोषणा रक्षा तत्परता एवं उद्योग मंत्री ल्यूक पोलार्ड ने लंदन में आयोजित एयर एंड स्पेस पावर एसोसिएशन ग्लोबल एयर एंड स्पेस चीफ्स कॉन्फ्रेंस के दौरान की। इसका लक्ष्य अत्याधुनिक स्वायत्त ड्रोन विकसित करना है, जो भविष्य के हवाई अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
लॉयल विंगमैन ड्रोन की अवधारणा
स्टॉर्म फाइटर कार्यक्रम के अंतर्गत स्टॉर्म क्रोम और स्टॉर्म फायर जैसी प्रारंभिक अवधारणाएं भी शामिल हैं। स्टॉर्म क्रोम को इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभियानों के लिए विकसित किया जा रहा है, जबकि स्टॉर्म फायर लगभग 1,000 मील तक की मारक क्षमता वाला एक-तरफा आक्रमण ड्रोन होगा। यह कार्यक्रम स्टॉर्मश्राउड नामक स्वायत्त ड्रोन की सफलता पर आधारित है, जिसे मई 2025 में सेवा में शामिल किया गया था। साथ ही, यह वर्ष 2022 में समाप्त किए गए प्रोजेक्ट मस्कीटो के बाद विकसित नई रणनीतिक पहल है।
वैश्विक लड़ाकू विमान कार्यक्रम से जुड़ाव
स्टॉर्म फाइटर कार्यक्रम भविष्य के ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) के साथ भी जुड़ा हुआ है। यह ब्रिटेन, इटली और जापान का संयुक्त छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने का कार्यक्रम है। 3 जुलाई 2026 को इस परियोजना के अगले डिजाइन चरण के लिए 4.6 अरब पाउंड का विकास अनुबंध प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक अत्याधुनिक स्टील्थ क्षमता वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को सेवा में शामिल करना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) यूनाइटेड किंगडम की सशस्त्र सेनाओं की वायु शाखा है।
- टेम्पेस्ट ब्रिटेन के नेतृत्व में विकसित किया जा रहा प्रस्तावित छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।
- टाइफून एक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जिसका उपयोग कई यूरोपीय देशों की वायु सेनाएं करती हैं।
- ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) यूनाइटेड किंगडम, इटली और जापान की संयुक्त छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास परियोजना है।
स्टॉर्म फाइटर कार्यक्रम आधुनिक हवाई युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों और मानवयुक्त–मानवरहित समन्वित अभियानों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह पहल भविष्य की वायु शक्ति को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में ऐसे स्वायत्त ड्रोन वैश्विक रक्षा रणनीतियों और हवाई युद्ध की प्रकृति में व्यापक परिवर्तन ला सकते हैं।