हैदराबाद में अमजेन का नया इनोवेशन सेंटर, जीवन विज्ञान क्षेत्र को मिलेगी रफ्तार
बायोटेक्नोलॉजी कंपनी अमजेन ने हैदराबाद के जीनोम वैली में अपना साइंस एंड इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। तेलंगाना सरकार के साथ 11 अगस्त 2026 को हुए समझौता ज्ञापन के बाद यह परियोजना चर्चा में है। केंद्र के 2027 में शुरू होने की उम्मीद है और इससे करीब 200 उच्च-कुशल नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
जीनोम वैली क्यों है खास
जीनोम वैली हैदराबाद का प्रमुख लाइफ साइंसेज क्लस्टर है, जहां शोध, जैव प्रौद्योगिकी और दवा उद्योग से जुड़ी कई इकाइयां मौजूद हैं। तेलंगाना और खासकर हैदराबाद पिछले कुछ वर्षों में जीवन विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी और फार्मा रिसर्च के बड़े केंद्र के रूप में उभरे हैं। ऐसे में अमजेन का नया केंद्र इस इकोसिस्टम को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
वैश्विक रिसर्च नेटवर्क से जुड़ेगा नया केंद्र
अमजेन एक वैश्विक बायोटेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसके पहले से दुनिया भर में सात शोध प्रयोगशालाएं हैं। हैदराबाद में बनने वाला यह केंद्र कंपनी के वैश्विक अनुसंधान एवं विकास नेटवर्क का हिस्सा होगा और क्षेत्र में पहले से मौजूद उसकी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन गतिविधियों को पूरक बनाएगा। इससे भारत में उन्नत शोध और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को नई दिशा मिलने की संभावना है।
किस तरह के शोध पर होगा फोकस
नए केंद्र में डिस्कवरी केमिस्ट्री, ड्रग मेटाबोलिज्म एंड फार्माकोकाइनेटिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, डेटा साइंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर काम होगा। ड्रग मेटाबोलिज्म एंड फार्माकोकाइनेटिक्स, जिसे संक्षेप में DMPK कहा जाता है, दवा के शरीर में अवशोषण, वितरण, चयापचय और निष्कासन का अध्ययन करता है। प्रिसिजन मेडिसिन में जैविक और नैदानिक आंकड़ों के आधार पर मरीज के लिए अधिक उपयुक्त उपचार तय किया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- समझौता ज्ञापन यानी MoU सरकार और कंपनी के बीच सहयोग की औपचारिक रूपरेखा तय करने वाला दस्तावेज होता है।
- जीनोम वैली तेलंगाना में बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा और लाइफ साइंसेज रिसर्च से जुड़ा प्रमुख क्षेत्र है।
- प्रिसिजन मेडिसिन का उद्देश्य हर मरीज की जैविक जरूरत के अनुसार उपचार को अनुकूल बनाना है।
- अमजेन ने फरवरी 2025 में हैदराबाद में अपना ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शुरू किया था।
तेलंगाना के लिए निवेश और रोजगार का संकेत
इस घोषणा को तेलंगाना की जीवन विज्ञान नीति और निवेश आकर्षण की दिशा में एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने इस परियोजना से रोजगार सृजन की उम्मीद जताई है। अमजेन इंडिया के प्रबंध निदेशक नवीन गुल्लापल्ली, तेलंगाना लाइफ साइंसेज के सीईओ सर्वेश सिंह और उद्योग विभाग के विशेष सचिव कृष्ण आदित्य भी इस घोषणा से जुड़े रहे।
कुल मिलाकर, हैदराबाद में अमजेन का यह नया केंद्र न केवल उच्च-कौशल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि भारत में उन्नत बायोटेक शोध, डेटा-आधारित दवा विकास और जीवन विज्ञान नवाचार को भी मजबूती देगा।