भारतीय नौसेना को मिला 21वां एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर, समुद्री युद्ध क्षमता होगी और मजबूत
भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री सुरक्षा और युद्धक क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करते हुए जुलाई 2026 में 21वां एमएच-60आर सीहॉक (MH-60R Seahawk) हेलीकॉप्टर कोच्चि में प्राप्त किया। भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका से कुल 24 एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता किया था, जिनमें से अब तक 21 हेलीकॉप्टर नौसेना में शामिल किए जा चुके हैं। शेष तीन हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति वर्ष 2026 के अंत तक पूरी होने की संभावना है। इन अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की जहाज-आधारित विमानन क्षमता और समुद्री सुरक्षा अभियानों को नई मजबूती मिलेगी।
एमएच-60आर सीहॉक की विशेषताएं
एमएच-60आर सीहॉक एक अत्याधुनिक बहुउद्देशीय समुद्री हेलीकॉप्टर है, जिसे लॉकहीड मार्टिन ने नौसैनिक अभियानों के लिए विकसित किया है। यह प्रसिद्ध सिकोर्स्की ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर परिवार का नौसैनिक संस्करण है। इसका उपयोग पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), सतह पर मौजूद लक्ष्यों के विरुद्ध अभियान (Anti-Surface Warfare), खोज एवं बचाव (Search and Rescue) तथा विशेष सैन्य अभियानों में किया जाता है। आधुनिक सेंसर, रडार और उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस यह हेलीकॉप्टर समुद्री निगरानी और युद्ध संचालन में अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
भारत का खरीद समझौता
भारत ने फरवरी 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका के फॉरेन मिलिट्री सेल्स (Foreign Military Sales – FMS) कार्यक्रम के तहत 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए लगभग 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था। इस खरीद का उद्देश्य भारतीय नौसेना की जहाज-आधारित विमानन क्षमता को मजबूत करना और समुद्री सीमाओं की निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियानों तथा समुद्री सुरक्षा संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
आईएनएएस-334 और रखरखाव सहायता
भारतीय नौसेना ने मार्च 2024 में एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों को औपचारिक रूप से आईएनएएस-334 (Indian Naval Air Squadron 334) में आईएनएस गरुड़, कोच्चि में शामिल किया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में लगभग 7,995 करोड़ रुपये का एक व्यापक रखरखाव एवं सहायता पैकेज भी हस्ताक्षरित किया गया। इस पैकेज में हेलीकॉप्टरों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और उनकी परिचालन क्षमता बनाए रखने की व्यवस्था शामिल है, जिससे इनका दीर्घकालिक संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
भविष्य की जरूरत और विस्तार योजना
भारतीय नौसेना अपने युद्धपोतों पर हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की अतिरिक्त खरीद पर भी विचार कर रही है। नौसेना का अनुमान है कि उसकी कुल आवश्यकता 100 से अधिक हेलीकॉप्टरों की है। ऐसे में भविष्य में अतिरिक्त खरीद से समुद्री निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक उपस्थिति को और अधिक मजबूती मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एमएच-60आर सीहॉक प्रसिद्ध सिकोर्स्की ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर परिवार का नौसैनिक संस्करण है।
- आईएनएएस (INAS) का पूरा नाम इंडियन नेवल एयर स्क्वाड्रन है।
- आईएनएस गरुड़ भारतीय नौसेना का प्रमुख नौसैनिक वायु स्टेशन है, जो कोच्चि (केरल) में स्थित है।
- भारत ने एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की खरीद संयुक्त राज्य अमेरिका के फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के माध्यम से की है।
एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टरों की बढ़ती संख्या भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता, पनडुब्बी रोधी अभियानों और जहाज-आधारित संचालन को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीक और उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस ये हेलीकॉप्टर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा को सशक्त बनाने के साथ-साथ भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।