सही उत्तर है 25% और 10%। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अनुसार, सूचीबद्ध निजी कंपनियों को कम से कम 25% सार्वजनिक शेयरधारिता बनाए रखनी होती है। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSUs) के लिए यह न्यूनतम सीमा 10% निर्धारित है। इस नियम का उद्देश्य तरलता बढ़ाना और शेयरों का व्यापक वितरण सुनिश्चित करना है।
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