सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव दोनों
1855 का संथाल विद्रोह चार मुर्मू भाइयों—सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव—के नेतृत्व में हुआ था। यह विद्रोह 30 जून, 1855 को भगनाडीह गाँव से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शोषण के विरुद्ध प्रारंभ हुआ। सिद्धू और कान्हू के साथ चांद और भैरव ने भी सह-नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसलिए संथाल विद्रोह के नेतृत्व में सिद्धू–कान्हू तथा चांद–भैरव दोनों को सम्मिलित माना जाता है।
This Question is Also Available in:
English