हेबर प्रक्रिया एक औद्योगिक विधि है, जिसमें नाइट्रोजन और हाइड्रोजन गैस से अमोनिया संश्लेषित किया जाता है। फ्रिट्ज हेबर और कार्ल बॉश ने 20वीं शताब्दी की शुरुआत में इसे विकसित किया। यह उच्च दबाव और तापमान पर संचालित होती है और इसमें लोहे का उत्प्रेरक प्रयोग किया जाता है। उत्पादित अमोनिया उर्वरकों के लिए आवश्यक है, जिससे वैश्विक कृषि को बढ़ावा मिलता है। इस प्रक्रिया ने खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि की, जिसके लिए हेबर को 1918 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला।
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