विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक संस्थान ने Staphylococcus aureus के विरुद्ध प्रभावी एक नवीन बायोसर्फैक्टेंट का विकास किया है। Staphylococcus aureus, Staphylococcaceae कुल का एक ग्राम-पॉजिटिव, अचल एवं गोलाकार जीवाणु है। यह अंगूर के गुच्छों के समान समूहों में पाया जाता है तथा सामान्यतः पर्यावरण में उपस्थित रहता है। यह मनुष्यों सहित अन्य स्तनधारियों को संक्रमित कर सकता है और एक प्रजाति से दूसरी में संचरित हो सकता है। इसका संचरण वायु कणों, दूषित वस्तुओं के संपर्क अथवा संक्रमित व्यक्ति या पशु के काटने से हो सकता है। यह त्वचा संक्रमण, फोड़े, सेल्युलाइटिस, झुलसी त्वचा सिंड्रोम तथा निमोनिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
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