इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस (IASST)
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत आने वाले इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस (IASST) के वैज्ञानिकों ने यह खोज की है कि पेप्टिडोमिमेटिक दवाएं न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों (NDs) के इलाज में प्रभावी हो सकती हैं। ये रोग जटिल होते हैं और इनमें मस्तिष्क की नसों का क्षय और न्यूरॉन्स का नुकसान शामिल होता है, जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन। पेप्टिडोमिमेटिक दवाएं कृत्रिम अणु होती हैं जो न्यूरोट्रॉफिन्स नामक प्राकृतिक प्रोटीन की नकल करती हैं। ये प्रोटीन न्यूरॉन्स की वृद्धि और जीवन के लिए जरूरी होते हैं। इन दवाओं में प्राकृतिक न्यूरोट्रॉफिन्स की तुलना में बेहतर स्थिरता और जैव उपलब्धता होती है। ये खास कोशिकाओं को लक्ष्य बनाकर दुष्प्रभाव कम करती हैं और सुरक्षित तथा प्रभावी इलाज की दिशा में आशाजनक विकल्प बनती हैं।
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