भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
ISRO ने हाल ही में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन (SE2000) का हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे क्रायोजेनिक चरण को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हुई। यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) को ऑक्सीडाइज़र और रिफाइंड केरोसिन (RP-1) को ईंधन के रूप में उपयोग करता है। ISRO भविष्य के हेवी-लिफ्ट लॉन्च वाहनों के लिए 2000 kN थ्रस्ट वाला यह इंजन विकसित कर रहा है। केरोसिन, लिक्विड हाइड्रोजन की तुलना में अधिक किफायती और आसान संचालन योग्य है, जिससे भंडारण सरल होता है और मिशन लागत कम होती है। यह इंजन ISRO के लॉन्च वाहनों की पेलोड क्षमता बढ़ाएगा और इसे नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) में उपयोग करने की योजना है।
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