सफा-होर आंदोलन, जिसे खेरवार आंदोलन भी कहा जाता है, 1868 में छोटानागपुर क्षेत्र में मुख्यतः संथाल जनजाति के बीच प्रारंभ हुआ। इसका नेतृत्व भागीरथ मांझी ने किया था। इसका उद्देश्य सामाजिक-धार्मिक सुधार, एकेश्वरवाद का प्रचार तथा शुद्धिकरण था। यह आंदोलन संथाल परगना क्षेत्र में व्यापक रूप से फैला।
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