संथाल परगना बंदोबस्ती विनियमन अधिनियम 1872 में पारित किया गया था। इसे ब्रिटिश सरकार ने संथाल परगना क्षेत्र में बंदोबस्ती (सेटलमेंट) की प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए लागू किया। यह अधिनियम 1855-57 के संथाल विद्रोह के पश्चात लाया गया और इसके माध्यम से एक विशेष प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की गई। आदिवासी बहुल क्षेत्र में शांति एवं शासन बनाए रखने के उद्देश्य से इसने सामान्य कानूनों के लागू होने को सीमित किया। यह अधिनियम भारत में अन्य आदिवासी क्षेत्रों हेतु बनाए गए विशेष विनियमनों के लिए भी एक उदाहरण बना।
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