तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
श्रीरंगपट्टम की संधि 18 मार्च 1792 को तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध की समाप्ति पर हुई थी। इसे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लॉर्ड कॉर्नवॉलिस, हैदराबाद के निजाम और मराठा साम्राज्य के प्रतिनिधियों तथा मैसूर के शासक टीपू सुल्तान ने हस्ताक्षरित किया था।
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