2007 की वैश्विक वित्तीय संकट के बाद G-20 ने वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB) की स्थापना की ताकि बैंकों के लिए उन्नत नियामक उपाय तैयार किए जा सकें और भविष्य में बैंक विफलता को रोका जा सके। इसके अलावा, प्रत्येक देश के केंद्रीय बैंक घरेलू प्रणालीगत महत्वपूर्ण बैंक (D-SIBs) की पहचान करते हैं। वहीं, बेसल बैंकिंग पर्यवेक्षण समिति (BCBS) बड़े बैंकों की पहचान करती है जिन्हें वैश्विक प्रणालीगत महत्वपूर्ण बैंक (G-SIBs) कहा जाता है। D-SIBs के चयन के मानदंड G-SIFIs के समान होते हैं। भारत में RBI ने SBI और ICICI को D-SIBs के रूप में पहचाना है। वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB), बेसल बैंकिंग पर्यवेक्षण समिति (BCBS) के साथ मिलकर वैश्विक प्रणालीगत महत्वपूर्ण बैंकों (G-SIBs) की सूची प्रकाशित करता है।
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