भारतीय खनि विद्यापीठ, धनबाद का औपचारिक उद्घाटन 9 दिसंबर 1926 को भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा किया गया था। इसकी स्थापना 1920 की मैकफर्सन समिति की अनुशंसा तथा 1901 के भारतीय खान अधिनियम के पश्चात खनन एवं अनुप्रयुक्त भूविज्ञान में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रारंभ में डॉ. डेविड पेनमैन के मार्गदर्शन में खनन अभियांत्रिकी एवं अनुप्रयुक्त भूविज्ञान के पाठ्यक्रम संचालित किए गए। यह 1967 में डीम्ड विश्वविद्यालय बना और 2016 में इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम), धनबाद में परिवर्तित किया गया।
This Question is Also Available in:
English