पुरुलिया-रांची नैरो-गेज (narrow gauge) रेलमार्ग, जो बंगाल-नागपुर रेलवे का हिस्सा था, नवंबर 1907 में प्रारंभ हुआ। इसी रेलमार्ग के माध्यम से रांची का भारत के रेलवे नेटवर्क से संपर्क स्थापित हुआ। इस लाइन पर 2 फीट 6 इंच का नैरो-गेज उपयोग किया गया था। वर्ष 1911 इस लाइन के लोहरदगा तक विस्तार से संबंधित है, न कि इसके प्रारंभ से।
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