यह एक दीर्घकालिक व्यावसायिक फेफड़ों का रोग है, जो कोयला खदान की धूल लंबे समय तक सांस लेने से होता है। कोयले की धूल में मौजूद सिलिका और कार्बन के कारण ब्लैक लंग रोग होता है। अमेरिका में अध्ययन किए गए हर 20 में से 1 खनिक में इस रोग के एक्स-रे प्रमाण मिलते हैं, जो प्नूमोकोनियोसिस का एक रूप है। इसके शुरुआती चरण को सिंपल प्नूमोकोनियोसिस कहा जाता है, जिसमें खनिक काम करने या सामान्य गतिविधियां जारी रखने में सक्षम रहता है। कुछ मामलों में यह रोग गंभीर नहीं होता, लेकिन यह अपरिवर्तनीय है और इसका कोई विशेष उपचार नहीं है। इसे एंथ्राकोसिस, ब्लैक लंग, ब्लैक स्पिटल, कोल वर्कर प्नूमोकोनियोसिस, माइनर्स अस्थमा और सिलिकोसिस जैसे कई नामों से जाना जाता है।
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