Q. निम्नलिखित में से किस बौद्ध विद्वान को कनिष्क के दरबार में शरण मिली थी?
Answer: अश्वघोष
Notes: कनिष्क ने अपने दरबार में अश्वघोष को शरण दी थी। अश्वघोष एक सारास्तिवाद बौद्ध दार्शनिक, नाटककार, कवि और वक्ता थे। उनका जन्म साकेत में हुआ था, जिसे अयोध्या भी कहा जाता है। उन्हें कालिदास से पहले का सबसे महान भारतीय कवि और संभवतः पहला संस्कृत नाटककार माना जाता है। अश्वघोष के साहित्यिक कार्य क्लासिकल संस्कृत भाषा में थे। कनिष्क दूसरी सदी में कुषाण वंश के सम्राट थे। वह अपने सैन्य, राजनीतिक और आध्यात्मिक उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने गांधार में एक साम्राज्य पर शासन किया, जो गंगा के मैदान पर पाटलिपुत्र तक फैला हुआ था।
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