निज़ामुद्दीन औलिया
अमीर खुसरो एक प्रभावशाली कवि थे जिन्होंने 1310 में अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान निज़ामुद्दीन औलिया के मार्गदर्शन में सूफी मत को अपनाया। अपने लंबे साहित्यिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण रचनाएँ लिखीं। इनमें से एक थी "नूह सिपिहर," जो सुल्तान कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी के शासन पर आधारित एक मसनवी थी। एक अन्य उल्लेखनीय कृति "दुवाल रानी - खिज्र खान" थी, जो वाघेला राजकुमारी दुवाल रानी और सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के पुत्र खिज्र खान के प्रेम संबंध की कहानी थी।
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