हाल ही में डाक विभाग ने श्री राम की अमूल्य थंजावुर पेंटिंग को बेंगलुरु से अयोध्या लॉजिस्टिक्स पोस्ट के जरिए भेजा। थंजावुर पेंटिंग्स की शुरुआत लगभग 1600 ई. में तमिलनाडु के थंजावुर से हुई थी। ये लकड़ी के पैनल पर बनती हैं और इनमें चमकीले रंग व सोने की पत्तियों का सुंदर उपयोग होता है।
This Question is Also Available in:
Englishमराठीಕನ್ನಡ