तमिलनाडु के तंजावुर के पास धान के खेतों में ऊनी-गर्दन वाले सारस के दुर्लभ दर्शन हुए हैं, जो उपयुक्त आर्द्रभूमि आवास स्थितियों का संकेत देते हैं। ऊनी-गर्दन वाला सारस, जिसे सफेद गर्दन वाला या बिशप सारस भी कहा जाता है, सारस परिवार Ciconiidae से संबंधित है। यह अफ्रीका और एशिया, जिनमें भारत और इंडोनेशिया शामिल हैं, में पाई जाने वाली एक व्यापक उष्णकटिबंधीय प्रजाति है। भारत में यह उत्तरी क्षेत्रों में अधिक सामान्य है, किंतु अब दक्षिणी आर्द्रभूमियों में भी देखा जा रहा है। IUCN के अनुसार इसे ‘संकट के करीब’ (Near Threatened) श्रेणी में रखा गया है।
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