झारखंड में लगभग 4600 लाख टन लौह अयस्क का भंडार होने का अनुमान है। यह आँकड़ा भारतीय खान ब्यूरो (IBM) की 2013 की रिपोर्ट के अनुसार है। राज्य के पास भारत के कुल लौह अयस्क भंडार का लगभग 26% हिस्सा है। यहाँ मुख्यतः हेमेटाइट प्रकार का लौह अयस्क पाया जाता है। सिंहभूम जिले की चिरिया खदान विश्व के सबसे बड़े हेमेटाइट भंडारों में से एक मानी जाती है। भंडार के अनुमान उत्पादन आँकड़ों से भिन्न होते हैं, क्योंकि उत्पादन में वार्षिक निष्कर्षण दर्शाया जाता है, जबकि भंडार कुल उपलब्धता को दर्शाता है।
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