झारखंड पंचायती राज अधिनियम, 2001 के अनुसार, अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के लिए 80% तक आरक्षण का प्रावधान है। धारा 20(1) के तहत अनुसूचित जनजातियों के लिए कम से कम आधी सीटें आरक्षित की गई हैं, जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुल आरक्षण 80% तक सीमित है। गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण 50% है। सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं में SC/ST के लिए 80% तक आरक्षण को मान्य ठहराया है। अनुसूचित क्षेत्रों में सभी अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं।
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