झारखंड में मंडा उत्सव के दौरान भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं और दसवें दिन लाल-गर्म कोयलों पर नंगे पैर चलते हैं। यह अनुष्ठान भगवान शिव के प्रति भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर शिव मंदिरों से जुलूस निकाले जाते हैं और शुद्धिकरण हेतु तालाबों या नदियों में स्नान की परंपरा भी है।
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