Q. झारखंड के किस जिले में सर्वाधिक लौह अयस्क का उत्पादन होता है?
Answer: पश्चिम सिंहभूम
Notes: पश्चिम सिंहभूम झारखंड का सर्वाधिक लौह अयस्क उत्पादक जिला है। सिंहभूम क्षेत्र में खनन कार्य 1904 से प्रारंभ हुआ। इस जिले में नोआमुंडी और गुआ जैसी प्रमुख लौह अयस्क खदानें स्थित हैं। यह क्षेत्र भारत के हेमेटाइट भंडार में लगभग 29% योगदान देता है। झारखंड के पास देश के कुल लौह अयस्क भंडार का लगभग 25% हिस्सा है और यह भारत के कुल उत्पादन का 14% से अधिक उत्पादन करता है। पलामू में मैग्नेटाइट पाया जाता है, किंतु उत्पादन की दृष्टि से पश्चिम सिंहभूम अग्रणी है। गिरिडीह और चतरा में लौह अयस्क की कोई प्रमुख खदानें नहीं हैं।

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