वार्षिक सामूहिक शिकार
सेंद्रा झारखंड की आदिवासी जनजातियों द्वारा, विशेष रूप से जमशेदपुर के पास दलमा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में, प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला सामूहिक शिकार है। यह सामान्यतः मई माह में संपन्न होता है, जिसमें दलमा गुरु और सिंहबोंगा जैसे देवताओं को अर्पण स्वरूप हिरण, मोर, जंगली सूअर और पक्षियों का शिकार किया जाता है। इस अवसर पर उपवास, संगीत तथा औषधीय जड़ी-बूटियों के पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान जैसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी होती हैं। इसे ‘बिशु शिकार’ के नाम से भी जाना जाता है। 2020 में लॉकडाउन के कारण किसी भी पशु का शिकार नहीं किया गया था।
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