छोटा नागपुर किरायेदारी अधिनियम 1908 में पारित हुआ था। इसे 29 अक्टूबर, 1908 को गवर्नर जनरल की स्वीकृति प्राप्त हुई और 11 नवंबर, 1908 को कलकत्ता गजट में प्रकाशित किया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य छोटा नागपुर क्षेत्र में जमींदार–किरायेदार संबंधों को विनियमित करना तथा आदिवासी भूमि अधिकारों की रक्षा करना था। यह अधिनियम भूमि हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाकर स्वदेशी समुदायों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
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