चेरो विद्रोह का दूसरा चरण 1800 से 1802 के बीच पलामू क्षेत्र में भुखन सिंह के नेतृत्व में हुआ। यह विद्रोह अंग्रेजों द्वारा लगाए गए उच्च करों और अधीनस्थ पट्टों की पुनः प्राप्ति के विरोध में था। इसका प्रारंभिक चरण 1770–71 में चित्राजित राय और जयनाथ सिंह के नेतृत्व में हुआ था। विद्रोह को दबाए जाने के बाद छोटा नागपुर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1809 में जमींदारी पुलिस बल का गठन किया गया। 1800–1802 की अवधि को इस विद्रोह के प्रमुख चरण के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है।
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