यूएन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ
यूएन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ ने “ग्लोबल वॉटर बैंकरप्सी” रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि दुनिया अब स्थायी जल संकट के युग में प्रवेश कर चुकी है, जहां लंबे समय तक पानी की खपत उसकी पुनःपूर्ति क्षमता से ज्यादा हो गई है, जिससे नदियाँ, झीलें, जलभंडार और ग्लेशियर स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। मुख्य कारण अत्यधिक दोहन और जलवायु परिवर्तन हैं।
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