दादाभाई नौरोजी को 'ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया' कहा जाता है। वे पारसी बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, कपास व्यापारी और भारत के शुरुआती राजनीतिक व सामाजिक नेता थे। उनकी पुस्तक *Poverty and Un-British Rule in India* ने भारत से ब्रिटेन में हो रहे धन के प्रवाह की ओर ध्यान आकर्षित किया। वे 1892 से 1895 के बीच यूनाइटेड किंगडम की हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसद (MP) रहे और ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले एशियाई थे। वे ए.ओ. ह्यूम और दिनशा एडुलजी वाचा के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल थे।
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